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जब मैंने पहली बार जिम जॉइन किया, वहीं मैंने फाज़िल को पहली बार देखा।
उसे देखते ही मुझे उस पर क्रश हो गया।
पहली नज़र में ही वह मुझे बहुत अच्छा लगा।
मेरा ध्यान बार-बार उसी की तरफ जाने लगा।
कुछ समय बाद जिम में एक सेट करते हुए मैंने उससे मदद माँगी।
उसने मेरी मदद की और वहीं से हमारी पहली बातचीत शुरू हुई।
बात करते-करते हमने एक-दूसरे का नाम जाना,
और धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं।
हमारी वाइब्स मिलने लगीं।
फिर एक दिन फाज़िल ने मुझे अपनी Instagram ID दे दी।
वहीं से हमारी बातें जिम से बाहर भी चलती रहीं,
और धीरे-धीरे हम एक-दूसरे के बहुत करीब आने लगे।
फिर एक दिन हम पहली बार जिम के बाहर वेलकम मेट्रो स्टेशन पर मिले।
मेरे एग्जाम से पहले की वह मुलाक़ात आज भी मुझे याद है।
उस दिन फाज़िल बहुत शर्मा रहा था।
वह ठीक से मेरी तरफ देख भी नहीं पा रहा था।
मैं उसे छेड़ते हुए कह रही थी, “इतना क्यों शर्मा रहे हो, दीवारें देखने आए हो क्या?”
फिर जब जाने का समय आया, फाज़िल ने आखिरकार मुझे कहा, “I like you.”
मैंने उसका हाथ पकड़ा, उसे अपनी तरफ खींचा, गले लगाया और कहा, “I like you too.”
वहीं से हमारी एक नई कहानी शुरू हुई।
जिम में शुरू हुई हमारी छोटी-सी बातचीत अब हर दिन की बातों में बदल गई।
(हर दिन की बातों में बदल गई)
हम साथ हँसते थे, एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर कीं।
(अपनी बातें शेयर कीं)
देखते ही देखते हमारे रिश्ते को ढाई साल हो गए।
फिर हमारी ज़िंदगी में एक मुश्किल समय आया।
हम दोनों अपनी पर्सनल लाइफ़ में अच्छे फ़ेज़ से नहीं गुज़र रहे थे।
उसका असर हमारे रिश्ते पर भी पड़ा।
हमारी लड़ाइयाँ बढ़ने लगीं और हमारे बीच ईगो क्लैश होने लगे।
आख़िरकार हम कुछ समय के लिए एक-दूसरे से अलग हो गए।
वह समय आसान नहीं था।
दूर रहने के बाद भी दिलों में दूरी नहीं आई थी।
फिर एक दिन फाज़िल ने मुझे फ़ोन किया,
और सिर्फ़ इतना पूछा कि मैं ठीक हूँ या नहीं।
बात करते-करते अचानक हम दोनों हँस पड़े।
उस पल लगा जैसे हमारे बीच की सारी दूरी वहीं ख़त्म हो गई।
हमने फिर से बात करना शुरू किया।
एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर कीं, अपनी-अपनी ग़लतियाँ मानीं।
हमेशा एक बात वही रही—हम दोनों एक-दूसरे को छोड़ना नहीं चाहते थे।
हमने एक-दूसरे से वादा किया कि अब हम कभी अलग नहीं होंगे।
आज फाज़िल मेरे लिए सिर्फ़ मेरा प्यार नहीं है। वह मेरा सेफ़ स्पेस है।
उसके पास मुझे सुकून मिलता है।
जब मैं उसे गले लगाती हूँ, तो मेरी सारी ओवरथिंकिंग रुक जाती है।
उस पल मुझे कुछ और नहीं चाहिए होता।
मैं बस उसके साथ वहीं रहना चाहती हूँ।
मैं कभी तुमसे अलग नहीं होऊँगी।
मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी, तुम्हारा साथ दूँगी।
ज़िंदगी चाहे हमें जहाँ भी ले जाए, मैं हमेशा तुम्हारा हाथ थामे रहूँगी।
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