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First Sight Love Story
romantic gospel

First Sight Love Story

AAkansha Ujjwal
10

Lyrics

जब मैंने पहली बार जिम जॉइन किया,

वहीं मैंने फाज़िल को पहली बार देखा।

उसे देखते ही न जाने क्यों,

मेरे दिल में उसके लिए कुछ हुआ।

वो मुझे बहुत सुंदर लगा,

और पहली नज़र में ही,

मुझे उस पर क्रश हो गया।

फिर एक दिन जिम में,

एक सेट करते हुए मैंने उससे मदद माँगी।

उसने मेरी मदद की,

और वहीं से हमारी बातें शुरू हुईं।

बातों-बातों में हमने एक-दूसरे का नाम जाना,

धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ती गईं,

और हमारी सोच भी मिलने लगी।

फिर एक दिन फाज़िल ने,

जिम में ही मुझे अपनी इंस्टाग्राम आईडी दी।

वहीं से हमारी बातें,

जिम से बाहर भी चलती रहीं।

हर दिन बातें होती रहीं,

और पता ही नहीं चला,

कब हम दोनों एक-दूसरे के इतने करीब आ गए।

फिर पहली बार हम जिम के बाहर मिले,

वेलकम मेट्रो स्टेशन पर।

मेरे एग्जाम से पहले की वो मुलाक़ात,

आज भी मुझे याद है।

उस दिन फाज़िल बहुत शर्मा रहा था,

मेरी तरफ ठीक से देख भी नहीं पा रहा था।

मैं उसे छेड़ते हुए बोली,

इतना क्यों शर्मा रहे हो,

दीवारें देखने आए हो क्या?

फिर जब जाने का समय आया,

फाज़िल ने मुझसे कहा,

मुझे तुम पसंद हो।

मैंने उसका हाथ पकड़ा,

उसे अपनी तरफ खींचा,

उसे गले लगाया और कहा,

मुझे भी तुम पसंद हो।

उसके बाद मैं बहुत शर्मा गई,

और बिना पीछे देखे,

सीढ़ियाँ चढ़कर अपने कॉलेज चली गई।

वहीं से हमारी एक नई कहानी शुरू हुई।

जिम में शुरू हुई वो छोटी सी बात,

हर दिन की बातों में बदल गई।

हम हँसते थे, बातें करते थे,

एक-दूसरे के साथ समय बिताते थे।

और देखते ही देखते,

हमारे रिश्ते को ढाई साल हो गए।

फिर हमारी ज़िंदगी में एक मुश्किल समय आया।

हम दोनों अपनी-अपनी ज़िंदगी में,

एक अच्छे दौर से नहीं गुजर रहे थे।

इसका असर हमारे रिश्ते पर भी पड़ा।

हमारी लड़ाइयाँ बढ़ने लगीं,

हमारे बीच अहंकार आने लगा,

और धीरे-धीरे हम दोनों,

कुछ समय के लिए अलग हो गए।

वो समय हमारे लिए बहुत मुश्किल था।

हम दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह पा रहे थे।

दूर थे, लेकिन दिल से दूर नहीं थे।

फिर एक दिन फाज़िल का फोन आया।

उसने बस इतना पूछा,

तुम ठीक हो?

और बात करते-करते,

हम दोनों हँस पड़े।

उस पल लगा जैसे,

हमारे बीच की सारी दूरियाँ खत्म हो गईं।

क्योंकि सच तो ये था,

हमारे दिलों में कभी दूरी आई ही नहीं थी।

बस कुछ समय के लिए,

हमारे बीच अहंकार आ गया था।

और शायद उस समय,

हमें एक-दूसरे से थोड़ी दूरी भी चाहिए थी।

आज फाज़िल मेरे लिए,

सिर्फ़ मेरा प्यार नहीं है।

वो मेरा सुकून है।

वो मेरी वो जगह है,

जहाँ मुझे खुद को सुरक्षित महसूस होता है।

जब मैं उसे गले लगाती हूँ,

तो मेरी सारी सोच रुक जाती है।

उस पल मुझे कुछ और नहीं चाहिए होता।

बस उसी पल में,

उसके साथ रहने का मन करता है।

हमारे रिश्ते को इतने साल हो गए हैं,

लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा,

कि हमारा प्यार कम हुआ है।

मुझे कभी ऐसा नहीं लगा,

कि हमारे बीच की चमक खत्म हुई है।

मुश्किल समय में भी,

मुझे कभी नहीं लगा,

कि फाज़िल मुझे कम प्यार करता है।

उसने हमेशा मेरी इज़त की है।

हमेशा मेरे लिए एक खास जगह रखी है।

और मेरे लिए फाज़िल,

सिर्फ़ एक इंसान नहीं है।

वो मेरे लिए सब कुछ है।

और अगर मुझे उससे,

पूरी ज़िंदगी के लिए एक वादा करना हो,

तो मैं बस इतना कहूँगी—

मैं कभी तुमसे अलग नहीं होऊँगी।

मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी।

हर खुशी में तुम्हारा साथ दूँगी।

हर मुश्किल में तुम्हारे साथ खड़ी रहूँगी।

और ज़िंदगी चाहे हमें,

किसी भी रास्ते पर ले जाए,

मैं हमेशा तुम्हारा हाथ थामे रहूँगी।

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